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हरियाणा के थानों से 29 हजार लीटर शराब गायब पुलिस ने चूहों पर लगाया इल्‍जाम

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अपडेटेड 25 सितंबर 2023, 4:51 PM IST
हरियाणा के थानों से 29 हजार लीटर शराब गायब पुलिस ने चूहों पर लगाया इल्‍जाम
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अगर आप सोचते है कि बिहार के चूहे ही शराबी होते हैं तो आप गलत हैं। बिहार से एक हजार किलोमीटर दूर हरियाणा के फरीदाबाद के चूहे भी शराबी हैं। चूहे तो चूहे हैं, वो चाहे बिहार के हों या फिर हरियाणा के। फरीदाबाद के चूहे तो बिहार के चूहों से आगे निकल गए, शराब के साथ-साथ गांजा और अफीम जैसे मादक पदार्थ भी चट कर दिया।

बिहार के बाद फरीदाबाद में शराबी चूहे

दरअसल, फरीदाबाद में थानों के मालखाने से 29 हजार लीटर शराब बोतलें, कंटेनरों से गायब मिली है। पुलिस का कहना है कि ये काम चूहों ने किया है। चूहों ने शराब के साथ-साथ गांजा, अफीम जैसे मादक पदार्थों के डिब्बे और पोटली भी कुतर दिया है। एक साल बाद शहर के सभी थानों में जब्त शराब को नष्ट करने के लिए पुलिस कमिश्नर ऑफिस से आंकड़ा जुटाया जा रहा था।

जांच-पड़ताल में खुलासा हुआ कि फरीदाबाद के मालखानों में चूहों ने आतंक मचा रखा है। आंकड़ों के मुताबिक बीते साल सभी थानों ने करीब 53 हजार 473 लीटर देसी शराब, 29 हजार 995 लीटर अंग्रेजी शराब, 2 हजार 804 कैन बियर और 805 लीटर कच्ची शराब जब्त की गई थी। शराब को विभिन्न थानों के मालखानों में रखा गया था। आंकड़ों के मुताबिक चूहों ने देसी व कच्ची शराब मिलाकर करीब 20 हजार लीटर शराब डकार ली है या उनके काटने की वजह से शराब बह गई है। वहीं अंग्रेजी शराब की भी बोतलों के ढक्कन काटकर चूहों ने करीब 09 हजार लीटर जब्त शराब गायब कर दी है।

बिहार में लाखों लीटर शराब व दवा पी चुके हैं चूहे

इससे पहले बिहार के शराबी चूहे मीडिया की सुर्खियां बन चुके हैं। रतलब है कि साल 2017 में भी बिहार में जब्त करीब 9 लाख लीटर से अधिक की शराब चूहे पी गए थे। शराबबंदी के बाद पुलिस ने कई बार शराब जब्त की थी और अलग-अलग थानों में रखी गई थी। जांच के दौरान जब्त शराब की मात्रा कम होने लगी तो जांच के आदेश दिए गए थे। तब इसका खुलासा हुआ। हिसाब-किताब नहीं मिलता देख, कहा गया कि चूहे या तो शराब पी गए या फिर बर्बाद कर दिए। गौ खबर की जानकारी मिलते ही बिहार पुलिस मुख्यालय ने जांच के आदेश दिए थे। उस समय बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर खूब बहस हुई थी।

मामला 2020 का कटिहार सदर अस्पताल, बिहार के दवा भंडार से ज़ुड़ा है। यहां सरकारी दवा भंडार में रखे सैकड़ों बोतल स्लाइन चूहे पी गए हैं। कटिहार सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर एपी शाही ने भी स्वयं इसकी पुष्टि कर दी है। सिविल सर्जन ने बताया कि कटिहार जिला अस्पताल की दवा भंडार अर्धनिर्मित हालत में है। ऐसे में जरूरत से अधिक दवा और स्लाइन की बोतलें भेज दिए जाने के कारण इनका रख-रखाव बड़ी समस्या है। यही कारण है कि सौ से अधिक स्लाइन की बोतलों को चूहों ने कुतर दिया।

बाढ़ की बर्बादी भी ला चुके हैं बिहार के चूहे

बिहार में 2019 की बाढ़ की वजह भी चूहा को बताया जा चुका है। कहा गया था कि चूहों ने बांध में बिल कर दिया था जिसकी वजह से बांध कमजोर हो गया और फिर पानी ज्यादा होने पर बांध टूट गया। मतलब कि चूहों के आतंक को हरियाणा से पहले बिहार झेल चुका है। बिहार के जल संसाधन मंत्री का कहना है, “चूहों के कारण ही तटबंध कमजोर हो गए, टूट गए और बाढ़ आ गई।” उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि तटबंध पर रहने वाले ग्रामीण वहीं मचान बनाकर अनाज रख देते हैं और फिर चूहे तटबंध में ही अपने रहने के लिए बिल (घर) बना लेते हैं, जिससे तटबंध कमजोर हो जाता है।

चूहों ने कुतर दिया था फर्जी प्रमाणपत्र

बिहार के शरारती चूहे शराब पीने से लेकर बांध तोड़ने तक में हाथ आजमाने के बाद 2020 मे नियोजित शिक्षकों पर भी दांव खेल डाला। नियोजित शिक्षकों के फर्जी प्रमाणपत्र जांच के दौरान यह पता चला कि बदमाश चूहों ने 40 हजार नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्र वाले फोल्डर को कुतर दिया है। प्रमाणपत्र कुतर दिए जाने से मामले की जांच अटक गई है। आशंका जताई जा रही है कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी देने वाले लोगों ने साजिशन फाइल को चूहों से कुतरवा दिया हो अथवा अथवा फाइल को गायब कर चूहों के सिर ये इल्जाम मढ़ दिया हो।

बिहार से हरियाणा तक ‘लाज’ बचाते चूहे

बिहार में अपना जौहर दिखाने के बाद अब ये चूहे हरियाणा में कमाल दिखा रहे हैं। चूहों के आड़ में न जाने भ्रष्टाचार के कितने मामले दम तोड़ देते हैं। वैसे चूहे भी कमाल के हैं, इनसे कुछ भी बचता नहीं है। कागज, शराब, मिट्टी, अनाज सब इनके लिए एक समान है। बदमाश चूहे सिर्फ सिस्टम को परेशानी में ही नहीं डालते बल्कि कइयों की ‘जान’ भी बचाते हैं। लोग ये भी सवाल खड़े कर रहे हैं कि कुछ भ्रष्ट जिम्मेदारों की मिलीभगत से करप्शन के मामले को छिपाने के लिए बेजुबान जीव को मोहरा बनाया गया है। जरा सोचिए, फैसला आप खुद कीजिये।

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