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राहुल-प्रियंका जीते तो ईवीएम ठीक, कांग्रेस हारे तो खराब : रामदास आठवले

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अपडेटेड 17 दिसंबर 2024, 8:59 AM IST
राहुल-प्रियंका जीते तो ईवीएम ठीक, कांग्रेस हारे तो खराब : रामदास आठवले
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बीएनटी न्यूज़

नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर विपक्ष के आरोप को लेकर सोमवार को केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा, “मेरा मानना है कि कांग्रेस पार्टी बार-बार ईवीएम को लेकर चिंता जता रही है, यह कहना कि महाराष्ट्र में ईवीएम खराब थी, सही नहीं है।”

उन्होंने कहा कि मेरा सवाल यह है कि जब वे झारखंड में सत्ता में आए, तो मशीन ठीक थी। जब राहुल गांधी रायबरेली में जीते, तो मशीन ठीक थी। जब प्रियंका गांधी वायनाड में जीती, तो मशीन ठीक थी। कर्नाटक में सत्ता मिली तो ईवीएम ठीक थी। ईवीएम कांग्रेस के शासनकाल में आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईवीएम को लेकर नहीं आए हैं। पहले बैलेट पेपर पर काफी समय लगता था। लेकिन, जब कांग्रेस चुनाव हारती है तो ईवीएम को दोष देती है, जो ठीक नहीं है।

आठवले ने आगे कहा कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने कहा है कि ईवीएम को दोष देना ठीक नहीं है। मुझे लगता है कि इंडी अलायंस में फूट पड़ सकती है। इंडी अलायंस में ममता बनर्जी को नेतृत्व देने की बात होने लगी है। लेकिन, कांग्रेस पार्टी इसके लिए तैयार नहीं है। मुझे लगता है कि इंडी अलायंस में दो भाग हो जाएंगे, एक भाग ममता बनर्जी का होगा, दूसरा राहुल गांधी का। राहुल गांधी वाला भाग ममता बनर्जी की तुलना में कमजोर होगा। जिससे भविष्य में हम लोगों को लोकसभा के चुनाव में फायदा होगा।

महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उन्होंने कहा कि मैंने सबसे पहले यह मांग की थी कि देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। देवेंद्र फडणवीस हमसे कई बार मिले थे और आश्वासन दिया था। लेकिन, उन्होंने अपने आश्वासन को तोड़ दिया है। मेरे साथ मेरी पार्टी के कार्यकर्ता नाराज हैं। हम भाजपा के साथ हैं। लेकिन, हमें महाराष्ट्र की सत्ता में साथ नहीं लेना गंभीर विषय है। उन्हें दोबारा विचार करने की जरूरत है। हमारी पार्टी को कैबिनेट में शामिल करना चाहिए।

प्रियंका गांधी के नोटिस पर उन्होंने कहा कि भारत का हर नागरिक, हर नेता और हर कार्यकर्ता बांग्लादेश में हमारे हिंदू लोगों के साथ हो रहे अन्याय के बारे में बोल रहा है। उनकी रक्षा की जानी चाहिए और उनके साथ कोई अन्याय नहीं होना चाहिए। जब से घटना हो रही है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर बांग्लादेश के विदेश मंत्री के साथ संपर्क में हैं। बांग्लादेश में हिन्दुओं की रक्षा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी इस पूरे मामले को देख रहे हैं। बांग्लादेश सरकार के साथ हमारी सरकार संपर्क में है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से वहां के हिन्दुओं की रक्षा की अपील की गई है।

मणिशंकर अय्यर के पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर बयान को लेकर आठवले ने कहा कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह एक बड़े नेता रहे हैं। रिजर्व बैंक के चेयरमैन भी रहे हैं। यूपीए की सरकार में उन्हें प्रधानमंत्री बनाया गया। लेकिन, जब मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया था तब शरद पवार को प्रधानमंत्री बनाना चाहिए था। शरद पवार तब महाराष्ट्र में मजबूत थे। शरद पवार कांग्रेस के साथ क्यों रहे, हमें समझ नहीं आता। शरद पवार को एनडीए के साथ आना चाहिए। मणिशंकर अय्यर कह रहे हैं, मनमोहन सिंह को दूसरी बार प्रधानमंत्री बनाना ठीक नहीं था। प्रणव मुखर्जी को प्रधानमंत्री बनाना चाहिए था। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति बनाना चाहिए था। मुझे लगता है कि मणिशंकर अय्यर का सुझाव ठीक था। मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति बनाकर प्रणव मुखर्जी को प्रधानमंत्री बनाना चाहिए था।

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