BNT Logo | Breaking News Today Logo

Latest Hindi News

  •   शुक्रवार, 04 अप्रैल 2025 09:52 PM
  • 30.09°C नई दिल्ली, भारत

    Breaking News

    ख़ास खबरें
     
  1. बिम्सटेक शिखर सम्मेलन : तनावपूर्ण संबंधों के बीच पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात
  2. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल पद से हटाए गए, संवैधानिक न्यायालय ने महाभियोग को मंजूरी दी
  3. वक्फ संशोधन विधेयक पर सदन की मुहर पर जगदंबिका पाल बोले, ‘आज का दिन ऐतिहासिक है’
  4. मनोज कुमार के निधन से दुखी, उन्होंने भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
  5. प्रधानमंत्री मोदी ने वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने को ‘ऐतिहासिक क्षण’ बताया
  6. वक्फ संशोधन बिल जनविरोधी, असर बिहार जैसे राज्यों में होने वाले चुनावों पर पड़ेगा : कपिल सिब्बल
  7. नहीं रहे अभिनेता मनोज कुमार, 87 साल की उम्र में निधन
  8. किसान का बेटा हूं, किसी से नहीं डरता : जगदीप धनखड़
  9. वक्फ संशोधन विधेयक को मिली संसद की मंजूरी
  10. राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक: मुसलमानों को डराने का काम आप कर रहे हैं, हम नहीं – रिजिजू
  11. दिग्विजय सिंह को मेरे नाम का ऐसा हौवा है कि हर जगह उन्हें मैं ही दिखाई पड़ता हूं : अमित शाह
  12. राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर खूब चले जुबानी तीर : सत्ता पक्ष ने गिनाए फायदे, विपक्ष ने बताया संविधान विरोधी
  13. आईपीएल 2025 : वेंकटेश अय्यर की ताबड़तोड़ पारी की बदौलत केकेआर ने एसआरएच को 80 रन से हराया
  14. ‘संविधान चलेगा, मजहबी फरमान नहीं’, राज्यसभा में वक्फ बिल पर गरजे सुधांशु त्रिवेदी
  15. वक्फ संशोधन विधेयक को राजनीतिक फायदे के लिए हथियार बनाया जा रहा है : खड़गे

हिमाचल, उत्तराखंड में नई प्रौद्योगिकी से होगी केसर, हींग की खेती

bntonline.in Feedback
अपडेटेड 10 जून 2020, 10:34 AM IST
हिमाचल, उत्तराखंड में नई प्रौद्योगिकी से होगी केसर, हींग की खेती
Read Time:2 Minute, 43 Second

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)| देश में अबतक केसर की खेती के लिए जम्मू-कश्मीर ही चर्चित रहा है, लेकिन अब हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे गैर-परंपरागत उत्पादक क्षेत्रों में भी केसर की क्यारियां महकेंगी। हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन बायोरिसोर्स टेक्नोलॉजी (सीएसआईआर-आईएचबीटी) ने देश में हींग और केसर की पैदावार बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश के कृषि विभाग के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। यह जानकारी मंगलवार को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में दी गई।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि सीएसआईआर-आईएचबीटी ने केसर उत्पादन की तकनीक विकसित की है, जिसका उपयोग उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के गैर-परंपरागत केसर उत्पादक क्षेत्रों में किया जा रहा है। संस्थान में रोग-मुक्त घनकंद के उत्पादन के लिए टिश्यू कल्चर प्रोटोकॉल भी विकसित किए गए हैं।

सीएसआईआर-आईएचबीटी ने नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज (एनबीपीजीआर), नई दिल्ली की मदद से हींग से संबंधित छह पादप सामग्री पेश की हैं, और उसके उत्पादन की पद्धति को भारतीय दशाओं के अनुसार मानक रूप प्रदान करने का प्रयास किया है।

इन दोनों फसलों की गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए अत्याधुनिक टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना की जाएगी।

सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक डॉ संजय कुमार ने कहा, “इन फसलों की पैदावार बढ़ती है तो इनके आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। सीएसआईआर-आईएचबीटी किसानों को इसके बारे में तकनीकी जानकारी मुहैया कराने के साथ-साथ राज्य कृषि विभाग के अधिकारियों एवं किसानों को प्रशिक्षित भी करेगा। राज्य में केसर और हींग के क्रमश: घनकंद और बीज उत्पादन केंद्र भी खोले जाएंगे।”

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *