
कांग्रेस ने भाजपा से कहा : कर्नाटक में शांति भंग ना करें
बेंगलुरु, 4 अप्रैल (बीएनटी न्यूज़)| कर्नाटक कांग्रेस इकाई ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा करने वाले मुद्दों को उठाने के लिए भाजपा सरकार की जमकर आलोचना की। मंदिर परिसर से मुस्लिम व्यापारियों को बाहर करने और हिंदू धार्मिक मेलों और दक्षिणपंथी समूहों द्वारा हलाल मांस पर प्रतिबंध लगाने के आह्वान के बाद कांग्रेस ने भाजपा की आलोचना की।
विपक्ष के नेता सिद्धारमैया और प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की।
शिवकुमार ने कहा कि प्रदेश में युवाओं का ध्यान भटकाने के लिए बेवजह कुछ बातें की जा रही हैं।
सिद्धारमैया ने कहा कि हलाल काटने की प्रथा हजारों साल से चली आ रही है। “उनकी परंपरा उनकी है और हमारी परंपरा हमारी है। वे सोचते हैं कि खून वाला मांस स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। उन्हें अपने विश्वास के साथ जीने दो।”
सिद्धारमैया ने मांग की, “क्या हमने हलाल होने के बाद तैयार मांस नहीं खरीदा है? हम धार्मिक मेलों में जानवरों की बलि भी देते हैं। अनावश्यक रूप से राज्य में शांति और सद्भाव को खराब ना करें और लोगों के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें।”
उन्होंने हलाल मांस पर प्रतिबंध का जिक्र करते हुए कहा कि जिन मुद्दों से जनता को सरोकार नहीं है, उन्हें सामने नहीं लाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “कानून-व्यवस्था की स्थिति और विकास की गति के बीच सीधा संबंध है। सभी को इसे समझना चाहिए। कांग्रेस जन-समर्थक मुद्दों के लिए विरोध कर रही है। अगर समाज में शांति, व्यवस्था और सद्भाव कायम रहता है, तो निवेशक आगे आएंगे।”
उन्होंने कहा, “अगर निवेश बढ़ता है, तो युवाओं को रोजगार मिलेगा। अगर आप समाज में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करते हैं और एक के बाद एक मुद्दे उठाते हैं, तो चीजें काम नहीं करेंगी।”
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