
बीएनटी न्यूज़
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा में जारी हंगामे के बीच राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बुधवार को मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा।
पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि पिछले 13 दिन से प्रश्नकाल और शून्यकाल को बाधित कर विपक्ष ने सदन की परंपराओं को ठेस पहुंचाई है। स्थिति अनियंत्रित होने पर स्पीकर को मजबूरन कांग्रेस विधायकों को निलंबित करना पड़ा।
हरिचंदन ने कहा, “नए विधायक जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए आए हैं, लेकिन विपक्ष उनके सवालों को दबाने की कोशिश कर रहा है। यह लोकतंत्र की हत्या से कम नहीं है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए बेताब है और 27 मार्च को रैली की योजना बना रही है। मंत्री ने दावा किया कि दिल्ली से केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर विधानसभा को सुचारू रूप से चलने से रोका जा रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा पर कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए हरिचंदन ने कहा कि 1980 के दशक में उनके शासन में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कई मामले सामने आए थे। हमारी सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 4.2 प्रतिशत की कमी की है और अपराध की आठ श्रेणियों में 4-5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
पिछले 24 वर्षों में इतिश्री, बेबीना और परी जैसे मामले सामने आए हैं, जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं। हमारी सरकार महिलाओं से संबंधित अपराधों में अधिक अभियोजन सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है, जबकि पिछली सरकार के दौरान इस पर बहुत कम कार्रवाई की गई थी। पिछली सरकार के दौरान पुलिस विभाग में 16,000 रिक्त पद पुलिसिंग को मजबूत करने के उनके प्रयासों की कमी को दर्शाते हैं। यहां तक कि हमारे युवा नेताओं पर भी उनकी सरकार के तहत झूठे आरोप लगाए गए और उन्हें जेल में डाला गया। हर दिन सदन चलाने के लिए एक करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। यह जनता का पैसा है और विपक्ष विधानसभा की कार्यवाही को बाधित करके इसे बर्बाद कर रहा है।
कानून मंत्री ने कहा, “हम सभी मुद्दों पर बहस के लिए तैयार हैं। सवाल सदन में उठने चाहिए, सड़कों पर नहीं।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, जबकि स्पीकर ने स्थिति को सुलझाने के लिए पांच बार सर्वदलीय बैठक की है। उन्होंने किसी भी अनुरोध को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और इसकी बजाय निलंबन को विरोध का अवसर मानकर और अधिक व्यवधान पैदा किया।
हरिचंदन ने विपक्ष पर जनता के पैसे की बर्बादी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सदन चलाने में प्रतिदिन एक करोड़ रुपये खर्च होते हैं। कांग्रेस ने कार्यवाही बाधित कर जनता के पैसे को नुकसान पहुंचाया।”
उन्होंने कांग्रेस के सदस्यों पर सुरक्षाकर्मियों से भिड़ने, मंत्रियों के कार्यालयों में तोड़फोड़ और हमले के आरोप लगाए, साथ ही सबूत पेश करने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस नेताओं से अपील करते हैं कि वे सुरक्षाकर्मियों द्वारा किए गए किसी भी हमले का सबूत पेश करें। ये आरोप निराधार हैं और उनके पास कोई सबूत नहीं है। हम सभी सदस्यों से सदन में व्यवस्था बहाल करने का आग्रह करते हैं। पिछले 24 वर्षों से सभी जानते हैं कि सरकार कैसे काम कर रही थी, हर कोई आवाज उठाने से कतराता रहता है।
नई सरकार राज्य के विकास के लिए अथक प्रयास कर रही है। हम विपक्ष से अपील करते हैं कि वह राज्य की प्रगति के लिए सरकार के साथ आएं और लोगों की भलाई के लिए रचनात्मक बहस में शामिल हों।