BNT Logo | Breaking News Today Logo

Latest Hindi News

  •   शनिवार, 05 अप्रैल 2025 12:46 AM
  • 28.09°C नई दिल्ली, भारत

    Breaking News

    ख़ास खबरें
     
  1. बिम्सटेक शिखर सम्मेलन : तनावपूर्ण संबंधों के बीच पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात
  2. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल पद से हटाए गए, संवैधानिक न्यायालय ने महाभियोग को मंजूरी दी
  3. वक्फ संशोधन विधेयक पर सदन की मुहर पर जगदंबिका पाल बोले, ‘आज का दिन ऐतिहासिक है’
  4. मनोज कुमार के निधन से दुखी, उन्होंने भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
  5. प्रधानमंत्री मोदी ने वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने को ‘ऐतिहासिक क्षण’ बताया
  6. वक्फ संशोधन बिल जनविरोधी, असर बिहार जैसे राज्यों में होने वाले चुनावों पर पड़ेगा : कपिल सिब्बल
  7. नहीं रहे अभिनेता मनोज कुमार, 87 साल की उम्र में निधन
  8. किसान का बेटा हूं, किसी से नहीं डरता : जगदीप धनखड़
  9. वक्फ संशोधन विधेयक को मिली संसद की मंजूरी
  10. राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक: मुसलमानों को डराने का काम आप कर रहे हैं, हम नहीं – रिजिजू
  11. दिग्विजय सिंह को मेरे नाम का ऐसा हौवा है कि हर जगह उन्हें मैं ही दिखाई पड़ता हूं : अमित शाह
  12. राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर खूब चले जुबानी तीर : सत्ता पक्ष ने गिनाए फायदे, विपक्ष ने बताया संविधान विरोधी
  13. आईपीएल 2025 : वेंकटेश अय्यर की ताबड़तोड़ पारी की बदौलत केकेआर ने एसआरएच को 80 रन से हराया
  14. ‘संविधान चलेगा, मजहबी फरमान नहीं’, राज्यसभा में वक्फ बिल पर गरजे सुधांशु त्रिवेदी
  15. वक्फ संशोधन विधेयक को राजनीतिक फायदे के लिए हथियार बनाया जा रहा है : खड़गे

कैग रिपोर्ट : नई शराब नीति से दिल्ली सरकार के खजाने को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ

bntonline.in Feedback
अपडेटेड 11 जनवरी 2025, 8:33 PM IST
कैग रिपोर्ट : नई शराब नीति से दिल्ली सरकार के खजाने को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ
Read Time:3 Minute, 38 Second

बीएनटी न्यूज़

नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने विवादित आबकारी नीति बनाते समय नियम-कायदों को नजरअंदाज कर दिया, जिससे सरकारी खजाने को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह खुलासा शनिवार को सार्वजनिक हुई कैग (सीएजी) की रिपोर्ट में हुआ।

यह रिपोर्ट दिल्ली में 5 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आई है। इसमें बड़े घोटालों का खुलासा हुआ है, जैसे – कीमत तय करने में पारदर्शिता की कमी, लाइसेंस जारी और नवीनीकरण में नियमों का उल्लंघन, गड़बड़ियां करने वालों को दंडित न करना, और उपराज्यपाल, कैबिनेट या विधानसभा से मंजूरी न लेना। लाइसेंस देने से पहले कंपनियों की वित्तीय स्थिति को जांचा नहीं गया। यहां तक कि घाटे में चल रही कंपनी को भी लाइसेंस दे दिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने जो रिटेल शराब लाइसेंस छोड़े गए थे, उनके लिए फिर से टेंडर नहीं निकाला, जिससे खजाने को लगभग 890 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा, जोनल लाइसेंसधारियों को दी गई छूट से 941 करोड़ रुपये का और नुकसान हुआ।

इसके अलावा, कोविड प्रतिबंधों के आधार पर जोनल लाइसेंसधारकों को 144 करोड़ रुपये की लाइसेंस शुल्क छूट दी गई, जिसके परिणामस्वरूप सरकार को राजस्व की हानि हुई। जबकि अनुबंध में ऐसा प्रावधान नहीं था। वहीं, सुरक्षा जमा राशि को सही तरीके से नहीं वसूला गया जिससे 27 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ।

कैग ने यह भी कहा कि मंत्रियों के समूह, जिसकी अगुवाई मनीष सिसोदिया कर रहे थे, ने विशेषज्ञ पैनल की सिफारिशों को नजरअंदाज किया और अयोग्य कंपनियों को लाइसेंस के लिए बोली लगाने की अनुमति दी। विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान नहीं दिया गया, जबकि नीति बनाने में यह जरूरी था।

आम आदमी पार्टी (आप) ने इस रिपोर्ट को फर्जी बताया है, लेकिन इसमें कहा गया है कि नीति लागू करने में कई खामियां थीं। कुछ रिटेलर पूरे नीति अवधि तक लाइसेंस रखते रहे, जबकि कुछ ने पहले ही अपने लाइसेंस वापस कर दिए। कुल मिलाकर नीति को सही तरीके से लागू नहीं किया गया, जिससे इसके उद्देश्यों को हासिल नहीं किया जा सका।

इन अनियमितताओं के कारण केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य अधिकारियों पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए हैं। यह मुद्दा चुनावी माहौल में राजनीतिक गर्मी बढ़ाने वाला है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। मौजूदा विधानसभा में आप के 62 और भाजपा के 8 विधायक हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *