
नई दिल्ली, (आईएएनएस)| दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम को विदेश यात्रा की अनुमति दे दी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय कुमार कुहर ने उन्हें ब्रिटेन और फ्रांस की यात्रा करने की अनुमति दी। उन्हें देश छोड़ने से पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को अपनी यात्रा कार्यक्रम की एक प्रति प्रदान करनी होगी।
कार्ति के वकील अर्शदीप खुराना और अक्षत गुप्ता ने 17 फरवरी से एक मार्च तक ब्रिटेन और फ्रांस की यात्रा के लिए अनुमति मांगी थी।
कार्ति अपने पिता व पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के साथ एयरसेल-मैक्सिस मामले में अग्रिम जमानत पर बाहर हैं। उन्हें अग्रिम जमानत देते हुए अदालत ने उनकी यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। अदालत ने उन्हें बिना पूर्व अनुमति के देश नहीं छोड़ने का निर्देश दिया था।
अपनी दलील में कार्ति ने कहा कि वह एक अंतर्राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट और महत्वपूर्ण व्यापारिक बैठकों में भाग लेने के लिए विदेश यात्रा करना चाहते हैं। उन्होंने ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अपनी बेटी से मिलने की अनुमति भी मांगी।
यह मामला एयरसेल-मैक्सिस सौदे में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी से जुड़ी कथित अनियमितताओं से संबंधित है।
एफआईपीबी की मंजूरी 2006 में दी गई थी जब पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे।
उस समय लागू नियमों और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश नीति के अनुसार, चिदंबरम को केवल 600 करोड़ रुपये तक के विदेशी निवेश से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी देने का अधिकार था।
यह आरोप लगाया गया है कि चिदंबरम ने अपने बेटे
कार्ति चिदंबरम को कंपनी में पांच फीसदी हिस्सेदारी प्राप्त होने तक सौदे
की मंजूरी को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से रोक दिया था।