
बीएनटी न्यूज़
चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर कैबिनेट बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ पंजाब के खनन मंत्री बरिंद्र गोयल और राजस्व मंत्री हरदीप सिंह भी मौजूद रहे।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने 2022 से अब तक पंजाब के लोगों के हित में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। आज की बैठक में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना पर चर्चा हुई, जिसके तहत 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। योजना के लिए रजिस्ट्रेशन अप्रैल में शुरू होगा और मई तक चलेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति पर जोर देते हुए चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस में से 80 स्कूलों को ‘स्कूल मेंटरशिप’ योजना के तहत चयनित करने का फैसला लिया है। इस योजना के अंतर्गत पंजाब सिविल सेवा के अधिकारी स्कूलों को गोद लेंगे और बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। आईएएस और आईपीएस अधिकारी पांच साल तक इन स्कूलों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
मीडिया को संबोधित करते हुए खनन मंत्री बरिंद्र गोयल ने कहा कि खनन एवं खनिज नीति 2023 में संशोधन किया गया है। खनन को लेकर भी कैबिनेट में फैसले लिए गए हैं। क्रशर खनन, भूमि खनन साइट को शामिल किया गया है। भूमि मालिक खुद भी तय कर सकते हैं कि रेत बेचना है या नहीं। भूमि मालिक खुद भी रेत बेच सकता है। पहले की दो साइट्स को बढ़ाकर अब 5 कर दिया गया है। मांग के अनुसार उत्पादन बढ़ने से दरें सस्ती होंगी। अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाया गया है और इससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
बाद में हरपाल चीमा ने कहा कि बजरी के रेट भी बढ़ाए गए हैं जो प्रति घन फीट है। डिप्टी कमिश्नर इसे पंचायत या सरकारी जमीन पर लीज पर दे सकते हैं। भ्रष्टाचार और एकाधिकार को खत्म करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस बात पर भी नजर रखी जाएगी कि साइट से तय माल क्रशर तक पहुंचा है या इससे ज्यादा पहुंचा है। इससे अवैध खनन खत्म होगा और सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
वहीं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ की घोषणा की। इस योजना के तहत 50 वर्ष से अधिक उम्र के सभी पंजाब निवासियों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान किया जाएगा। चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक समिति की बैठक में इस योजना को लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।