BNT Logo | Breaking News Today Logo

Latest Hindi News

  •   शुक्रवार, 04 अप्रैल 2025 01:40 AM
  • 25.09°C नई दिल्ली, भारत

    Breaking News

    ख़ास खबरें
     
  1. दिलों और परंपराओं को जोड़ती है रामायण : बैंकॉक में ‘रामकियेन’ देखने के बाद पीएम मोदी
  2. ट्रंप की ‘टैरिफ घोषणा’ ने दुनिया को दी टेंशन : 5 प्वाइंट में समझें पूरा मामला?
  3. राज्यसभा में ‘वक्फ संशोधन विधेयक’ पेश, ‘धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का सवाल ही नहीं’: किरेन रिजिजू
  4. मेरे खिलाफ झूठ बोला गया, मजदूर का बेटा हूं, डरूंगा झुकूंगा नहीं : खड़गे
  5. संसद में वक्फ विधेयक को जबरन पारित किया गया, यह संविधान पर सीधा हमला है : सोनिया गांधी
  6. आईपीएल 2025: गुजरात टाइटंस ने आरसीबी को आठ विकेट से हराया
  7. वक्फ संशोधन विधेयक को खड़गे, केसी वेणुगोपाल ने बताया ‘असंवैधानिक’
  8. वक्फ बिल: कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा- अमित शाह
  9. लालू यादव की तबीयत बिगड़ी, इलाज के लिए जाएंगे दिल्ली
  10. वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर अमित शाह ने वक्फ बोर्ड द्वारा जब्त संपत्तियों को गिनवाया, विपक्ष पर लगाए आरोप
  11. ‘इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल’ पर लगी संसद की मुहर
  12. देश धर्मशाला नहीं तो जेल भी नहीं है : संजय राउत
  13. वक्फ बिल संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण : गौरव गोगोई
  14. वक्फ के तहत गरीबों की भलाई के नहीं हुए काम, विपक्ष मुसलमानों को कितना करेगा गुमराह : किरेन रिजिजू
  15. लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश, किरेन रिजिजू ने कहा, ‘संसद की बिल्डिंग को भी किया गया था क्लेम’

रांची में राष्ट्रीय पुस्तक मेले में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश की 10 पुस्तकों का विमोचन

bntonline.in Feedback
अपडेटेड 19 जनवरी 2025, 10:43 PM IST
रांची में राष्ट्रीय पुस्तक मेले में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश की 10 पुस्तकों का विमोचन
Read Time:3 Minute, 37 Second

बीएनटी न्यूज़

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले में रविवार को राज्यसभा के उपसभापति और लेखक-पत्रकार हरिवंश की 10 पुस्तकों का विमोचन एक साथ हुआ।

ये किताबें ‘समय के सवाल’ श्रृंखला के तहत प्रकाशित हुई हैं। इन पुस्तकों में हरिवंश की चार दशक की पत्रकारिता में विभिन्न प्रकाशन संस्थानों और पत्र-पत्रिकाओं में लिखे गए आलेखों का संकलन है। हरिवंश ने ‘धर्मयुग’, ‘रविवार’, ‘प्रभात खबर’ जैसे संस्थानों के लिए पत्रकारिता की। इनमें करीब तीन दशक का कार्यक्षेत्र झारखंड रहा है।

पुस्तकों के विमोचन के बाद लेखकीय संवाद में हरिवंश ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौती अलग है। अपढ़ वे नहीं होते जो पढ़ या लिख नहीं सकते, बल्कि वे हैं जो समय के साथ नहीं चल सकते। आज की दुनिया में जगह बनाने के लिए किसी मुल्क के लिए सबसे जरूरी है तकनीक की ताकत बनना और आर्थिक महाशक्ति बनना। इन दोनों पैमानों पर अगर हम सक्षम नहीं हुए तो बड़ी चुनौती सामने होगी। लेकिन अगर इसे समाज और व्यक्ति के तौर पर देखें तो सबसे बड़ी चुनौती चरित्र और भोगवाद की बढ़ती प्रवृत्ति की है। आज दुनिया उपभोक्तावाद के कब्जे में है, पर भारत अपने मूल्यों वाला देश रहा है।

झारखंड के संदर्भ में हरिवंश ने कहा कि यहां के आदिवासी समाज की संस्कृति से दुनिया प्रेरणा लेती है। यहां के लोगों में नैतिक ताकत है। बिहार से अलग होने के बाद बिहार के सामने चुनौती बड़ी थी। बिहार के पास संसाधन नहीं थे, पर वही बिहार आज विकास में आगे निकल गया। झारखंड में तो अपार संभावनाएं हैं। हरिवंश के साथ संवाद अंग्रेजी के प्राध्यापक प्रो. विनय भरत ने किया।

आयोजन में मुख्य अतिथि, वरिष्ठ पत्रकार—लेखक पद्मश्री बलबीर दत्त ने कहा कि एक साथ 10 किताबों का लोकार्पण ऐतिहासिक है। यह असंभव इसलिए संभव हुआ क्योंकि हरिवंश जी खूब लिखते-पढ़ते हैं। उन्होंने जनमुद्दों की पत्रकारिता की, इसलिए इनका लेखन जन इतिहास भी है।

बीज वक्तव्य देते हुए लेखक-प्राध्यापक और अध्येता रविदत्त वाजपेयी ने कहा कि इस श्रृंखला का नाम ‘समय के सवाल’ है, लेकिन हरिवंश जी अपने लेखन से सवालों का जवाब भी देते हैं।

आयोजन में विशिष्ट अतिथि के तौर पर साहित्यकार महादेव टोप्पो, वरिष्ठ पत्रकार-लेखक अनुज कुमार सिन्हा और पत्रकार-सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला की उपस्थिति रही। आयोजन का संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी और लेखक अनीश अंकुर ने किया।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *