BNT Logo | Breaking News Today Logo

Latest Hindi News

  •   गुरुवार, 03 अप्रैल 2025 09:02 PM
  • 30.09°C नई दिल्ली, भारत

    Breaking News

    ख़ास खबरें
     
  1. दिलों और परंपराओं को जोड़ती है रामायण : बैंकॉक में ‘रामकियेन’ देखने के बाद पीएम मोदी
  2. ट्रंप की ‘टैरिफ घोषणा’ ने दुनिया को दी टेंशन : 5 प्वाइंट में समझें पूरा मामला?
  3. राज्यसभा में ‘वक्फ संशोधन विधेयक’ पेश, ‘धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का सवाल ही नहीं’: किरेन रिजिजू
  4. मेरे खिलाफ झूठ बोला गया, मजदूर का बेटा हूं, डरूंगा झुकूंगा नहीं : खड़गे
  5. संसद में वक्फ विधेयक को जबरन पारित किया गया, यह संविधान पर सीधा हमला है : सोनिया गांधी
  6. आईपीएल 2025: गुजरात टाइटंस ने आरसीबी को आठ विकेट से हराया
  7. वक्फ संशोधन विधेयक को खड़गे, केसी वेणुगोपाल ने बताया ‘असंवैधानिक’
  8. वक्फ बिल: कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा- अमित शाह
  9. लालू यादव की तबीयत बिगड़ी, इलाज के लिए जाएंगे दिल्ली
  10. वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर अमित शाह ने वक्फ बोर्ड द्वारा जब्त संपत्तियों को गिनवाया, विपक्ष पर लगाए आरोप
  11. ‘इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल’ पर लगी संसद की मुहर
  12. देश धर्मशाला नहीं तो जेल भी नहीं है : संजय राउत
  13. वक्फ बिल संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण : गौरव गोगोई
  14. वक्फ के तहत गरीबों की भलाई के नहीं हुए काम, विपक्ष मुसलमानों को कितना करेगा गुमराह : किरेन रिजिजू
  15. लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश, किरेन रिजिजू ने कहा, ‘संसद की बिल्डिंग को भी किया गया था क्लेम’

वक्फ संशोधन बिल ‘काला कानून’ है : वारिस पठान

bntonline.in Feedback
अपडेटेड 02 अप्रैल 2025, 11:42 PM IST
वक्फ संशोधन बिल ‘काला कानून’ है : वारिस पठान
Read Time:5 Minute, 23 Second

बीएनटी न्यूज़

मुंबई। वक्फ संशोधन बिल को लेकर सियासी हलचल तेज है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इसे गरीबों के हित और पारदर्शिता का कदम बता रही है, वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और मुस्लिम संगठन इसे मुस्लिम समुदाय के विरोध में बता रहे हैं। एआईएमआईएम नेता वारिस पठान और महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन समीर काजी ने इस मुद्दे पर अपने विचार रखे।

वारिस पठान ने बीएनटी न्यूज़ से बातचीत में वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया। उन्होंने इसे “काला कानून” करार देते हुए कहा, “हम इस बिल को पूरी तरह खारिज करते हैं। बीजेपी मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने और उनकी संपत्ति हड़पने की कोशिश कर रही है।”

पठान ने इसे संविधान के खिलाफ बताया और कहा कि यह संविधान के आर्टिकल 14, 24, 25 और 26 का उल्लंघन करता है।

उन्होंने सवाल उठाया, “गैर-मुस्लिम को वक्फ बोर्ड में कैसे शामिल कर सकते हैं? क्या हिंदू एंडोमेंट बोर्ड में मुस्लिम को जगह देंगे? यह साफ दिखाता है कि बीजेपी की नीयत खराब है।”

पठान ने आरोप लगाया कि यह बिल वक्फ को बचाने के लिए नहीं, बल्कि बर्बाद करने के लिए लाया गया है। यह मस्जिदों, कब्रिस्तानों और यतीमखानों को छीनने की साजिश है। वक्फ अल्लाह की अमानत है, जो गरीबों और यतीमों के लिए दान में दी गई थी।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की वेबसाइट पर करोड़ों लोगों ने आपत्ति दर्ज की, फिर भी सरकार इसे थोप रही है। पठान ने चेतावनी दी कि अगर बिल पास हुआ तो वह कोर्ट जाएंगे और संवैधानिक तरीके से विरोध करेंगे।

उन्होंने बीजेपी के सहयोगियों चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान, जयंत चौधरी और नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर इन लोगों ने विधेयक का समर्थन किया तो मुस्लिम समुदाय इन्हें कभी माफ नहीं करेगा।

पठान ने बाबरी मस्जिद विध्वंस का जिक्र करते हुए कहा, “6 दिसंबर हमारा काला दिन था। अगर यह बिल पास हुआ तो यह भी उतना ही दुखदायी होगा। बीजेपी ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करती है, लेकिन मुस्लिमों को निशाना बना रही है।”

पठान ने जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की कार्यवाही पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “हमारे पार्टी अध्यक्ष जेपीसी में थे। उन्होंने असहमति नोट्स दिए, लेकिन उन्हें हटा दिया गया। चर्चा में सच सामने आएगा कि यह विधेयक असंवैधानिक और धार्मिक है। लोकसभा में वोटिंग के बाद ही साफ होगा कि बीजेपी के सहयोगी इसका समर्थन करते हैं या नहीं।”

महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड के नए चेयरमैन समीर काजी ने बिल को लेकर सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “बिल आज सदन में पेश हो रहा है और आठ घंटे की चर्चा होगी। हम उम्मीद करते हैं कि इससे वक्फ के लिए कुछ अच्छा निकलेगा।”

काजी ने बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की और सुझाव दिए। मंत्री जी ने उनके सुझावों का स्वागत किया और उन्हें बिल में शामिल करने का आश्वासन दिया।

काजी ने बिल के पास होने या न होने पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अभी बिल पास नहीं हुआ है, इसलिए “मैं कुछ नहीं कह सकता। मेरे सुझाव मंत्री जी के पास हैं। चर्चा के बाद ही साफ होगा कि क्या होता है”।

अतिक्रमण के सवाल पर उन्होंने कहा, “जहां तक मैंने पढ़ा है, बिल के सेक्शन 52 और 54 में कोई बदलाव नहीं हुआ है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईद मुबारकबाद पर काजी ने कहा, “यह अच्छा संदेश है। पीएम का कर्तव्य है कि वह हर नागरिक और समुदाय के विकास के बारे में सोचें। अगर वह अच्छा कदम उठाते हैं तो उनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *