BNT Logo | Breaking News Today Logo

Latest Hindi News

  •   शुक्रवार, 04 अप्रैल 2025 03:21 AM
  • 24.09°C नई दिल्ली, भारत

    Breaking News

    ख़ास खबरें
     
  1. दिलों और परंपराओं को जोड़ती है रामायण : बैंकॉक में ‘रामकियेन’ देखने के बाद पीएम मोदी
  2. ट्रंप की ‘टैरिफ घोषणा’ ने दुनिया को दी टेंशन : 5 प्वाइंट में समझें पूरा मामला?
  3. राज्यसभा में ‘वक्फ संशोधन विधेयक’ पेश, ‘धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का सवाल ही नहीं’: किरेन रिजिजू
  4. मेरे खिलाफ झूठ बोला गया, मजदूर का बेटा हूं, डरूंगा झुकूंगा नहीं : खड़गे
  5. संसद में वक्फ विधेयक को जबरन पारित किया गया, यह संविधान पर सीधा हमला है : सोनिया गांधी
  6. आईपीएल 2025: गुजरात टाइटंस ने आरसीबी को आठ विकेट से हराया
  7. वक्फ संशोधन विधेयक को खड़गे, केसी वेणुगोपाल ने बताया ‘असंवैधानिक’
  8. वक्फ बिल: कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा- अमित शाह
  9. लालू यादव की तबीयत बिगड़ी, इलाज के लिए जाएंगे दिल्ली
  10. वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर अमित शाह ने वक्फ बोर्ड द्वारा जब्त संपत्तियों को गिनवाया, विपक्ष पर लगाए आरोप
  11. ‘इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल’ पर लगी संसद की मुहर
  12. देश धर्मशाला नहीं तो जेल भी नहीं है : संजय राउत
  13. वक्फ बिल संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण : गौरव गोगोई
  14. वक्फ के तहत गरीबों की भलाई के नहीं हुए काम, विपक्ष मुसलमानों को कितना करेगा गुमराह : किरेन रिजिजू
  15. लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश, किरेन रिजिजू ने कहा, ‘संसद की बिल्डिंग को भी किया गया था क्लेम’

झारखंड में डीजीपी नियुक्ति पर विवाद, भाजपा बोली, ‘हेमंत सरकार ने संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ा’

bntonline.in Feedback
अपडेटेड 05 फ़रवरी 2025, 7:21 PM IST
झारखंड में डीजीपी नियुक्ति पर विवाद, भाजपा बोली, ‘हेमंत सरकार ने संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ा’
Read Time:3 Minute, 44 Second

बीएनटी न्यूज़

रांची। झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और यूपीएससी के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मरांडी ने कहा कि जिस आईपीएस को अप्रैल 2025 में रिटायर होना था, उन्हें हेमंत सोरेन की सरकार ने बेहद हड़बड़ी में नई नियमावली लाकर इस पद पर न सिर्फ नियुक्त कर दिया है, बल्कि इसके जरिए उन्हें अप्रैल 2026 तक के लिए एक्सटेंशन भी प्रदान कर दिया है।

मरांडी ने डीजीपी के पद पर नियुक्ति के लिए बनाई गई नियमावली को भी गलत बताया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम पारित किए बगैर कार्यकारी आदेश के जरिए इस तरह की नियमावली बनाई ही नहीं जा सकती।

उन्होंने कहा कि सरकार ने जो नियमावली बनाई है, उसका भी पालन नहीं किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने ‘प्रकाश सिंह बनाम भारतीय संघ’ के 2006 के केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि डीजीपी की नियुक्ति केवल यूपीएससी से अनुशंसित पैनल से ही होनी चाहिए। हेमंत सोरेन की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए यूपीएससी को दरकिनार कर अनुराग गुप्ता को डीजीपी बना दिया है। यूपीएससी की अनुशंसित सूची में उनका नाम नहीं है।

मरांडी ने इसे सीधे तौर पर संविधान और न्याय व्यवस्था पर हमला बताया। उन्होंने कहा, ”हेमंत सोरेन की सरकार ने झारखंड की जनता को धोखे में रखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है। उसने न सिर्फ संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ा है, बल्कि राज्य की पुलिस व्यवस्था और प्रशासन को अपनी राजनीतिक साजिशों का हथियार बना लिया है।”

भाजपा नेता ने कहा कि आईपीएस अनुराग गुप्ता एक विवादास्पद और दागदार अधिकारी रहे हैं। चुनाव में गड़बड़ी के कारण वह दो साल तक निलंबित रहे। निलंबन समाप्त होने के बाद हेमंत सोरेन की सरकार ने उन्हें कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त कर दिया। पिछले चुनाव के दौरान चुनाव आयोग के हस्तक्षेप पर उन्हें इस पद से हटा दिया गया था और चुनाव कार्यों से पूरी तरह बाहर रखा गया था। चुनाव खत्म होते ही हेमंत सोरेन की सरकार ने उन्हें इस पद पर फिर से नियुक्त कर दिया।

मरांडी ने कहा कि इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी इस मामले में संघर्ष करेगी।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *