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वक्फ संशोधन बिल ‘काला कानून’ है : वारिस पठान

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अपडेटेड 02 अप्रैल 2025, 11:42 PM IST
वक्फ संशोधन बिल ‘काला कानून’ है : वारिस पठान
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बीएनटी न्यूज़

मुंबई। वक्फ संशोधन बिल को लेकर सियासी हलचल तेज है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इसे गरीबों के हित और पारदर्शिता का कदम बता रही है, वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और मुस्लिम संगठन इसे मुस्लिम समुदाय के विरोध में बता रहे हैं। एआईएमआईएम नेता वारिस पठान और महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन समीर काजी ने इस मुद्दे पर अपने विचार रखे।

वारिस पठान ने बीएनटी न्यूज़ से बातचीत में वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया। उन्होंने इसे “काला कानून” करार देते हुए कहा, “हम इस बिल को पूरी तरह खारिज करते हैं। बीजेपी मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने और उनकी संपत्ति हड़पने की कोशिश कर रही है।”

पठान ने इसे संविधान के खिलाफ बताया और कहा कि यह संविधान के आर्टिकल 14, 24, 25 और 26 का उल्लंघन करता है।

उन्होंने सवाल उठाया, “गैर-मुस्लिम को वक्फ बोर्ड में कैसे शामिल कर सकते हैं? क्या हिंदू एंडोमेंट बोर्ड में मुस्लिम को जगह देंगे? यह साफ दिखाता है कि बीजेपी की नीयत खराब है।”

पठान ने आरोप लगाया कि यह बिल वक्फ को बचाने के लिए नहीं, बल्कि बर्बाद करने के लिए लाया गया है। यह मस्जिदों, कब्रिस्तानों और यतीमखानों को छीनने की साजिश है। वक्फ अल्लाह की अमानत है, जो गरीबों और यतीमों के लिए दान में दी गई थी।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की वेबसाइट पर करोड़ों लोगों ने आपत्ति दर्ज की, फिर भी सरकार इसे थोप रही है। पठान ने चेतावनी दी कि अगर बिल पास हुआ तो वह कोर्ट जाएंगे और संवैधानिक तरीके से विरोध करेंगे।

उन्होंने बीजेपी के सहयोगियों चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान, जयंत चौधरी और नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर इन लोगों ने विधेयक का समर्थन किया तो मुस्लिम समुदाय इन्हें कभी माफ नहीं करेगा।

पठान ने बाबरी मस्जिद विध्वंस का जिक्र करते हुए कहा, “6 दिसंबर हमारा काला दिन था। अगर यह बिल पास हुआ तो यह भी उतना ही दुखदायी होगा। बीजेपी ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करती है, लेकिन मुस्लिमों को निशाना बना रही है।”

पठान ने जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की कार्यवाही पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “हमारे पार्टी अध्यक्ष जेपीसी में थे। उन्होंने असहमति नोट्स दिए, लेकिन उन्हें हटा दिया गया। चर्चा में सच सामने आएगा कि यह विधेयक असंवैधानिक और धार्मिक है। लोकसभा में वोटिंग के बाद ही साफ होगा कि बीजेपी के सहयोगी इसका समर्थन करते हैं या नहीं।”

महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड के नए चेयरमैन समीर काजी ने बिल को लेकर सधी हुई प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “बिल आज सदन में पेश हो रहा है और आठ घंटे की चर्चा होगी। हम उम्मीद करते हैं कि इससे वक्फ के लिए कुछ अच्छा निकलेगा।”

काजी ने बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की और सुझाव दिए। मंत्री जी ने उनके सुझावों का स्वागत किया और उन्हें बिल में शामिल करने का आश्वासन दिया।

काजी ने बिल के पास होने या न होने पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अभी बिल पास नहीं हुआ है, इसलिए “मैं कुछ नहीं कह सकता। मेरे सुझाव मंत्री जी के पास हैं। चर्चा के बाद ही साफ होगा कि क्या होता है”।

अतिक्रमण के सवाल पर उन्होंने कहा, “जहां तक मैंने पढ़ा है, बिल के सेक्शन 52 और 54 में कोई बदलाव नहीं हुआ है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईद मुबारकबाद पर काजी ने कहा, “यह अच्छा संदेश है। पीएम का कर्तव्य है कि वह हर नागरिक और समुदाय के विकास के बारे में सोचें। अगर वह अच्छा कदम उठाते हैं तो उनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी।

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